Wednesday, June 16, 2021

कोण हूँ मैं ?

 कोइ तुमसे पुछे 

कोण हूँ मैं ?
तुम कह देना
कोई खास नही ...

एक दोस्त हैं 
पक्का कच्चा सा,
एक झुठ हैं 
आधा सच्चा सा !

जज्बात से ढका 
एक पर्दा हैं,
एक बहाना 
कोई अच्छा सा !

जिवन का ऐसा 
साथी था जो, 
पास होकर 
भी पास नही !

कोई तुमसे पुछे 
कोण हूँ मैं ?
तुम कह देना
कोई खास नही ...

एक साथी जो,
अनकही सी 
बातें कह जाता हैं !

यादो में जिसका
धुंधला सा,
एक चेहरा ही 
रह जाता है !

यूं तो उसके 
ना होने का 
मुझको कोई
गम नही !

पर कभी कभी 
वो आँखो से,
आंसू बनके 
बह जाता हैं !

यु रहता तो 
मेरे जहन में हैं,
पर नजरो को
उसकी तलाश नहीं !

कोई तुमसे पुछे 
कोण हूँ मैं ?
तुम कह देना
कोई खास नही ...

साथ बनकर 
जो रहता हैं,
वो दर्द बाटता 
जाता हैं !

भूलना तो चाहुँ
उसको पर,
वो यादो मै 
छा जाता हैं !

अकेला महसुस 
करूँ कभी जो,
सपनो में आ जाता हैं !

मैं साथ खडा हुँ 
सदा तुम्हारे, 
कहकर साहस
दे जाता हैं !

ऐसे ही रहता हैं 
साथ मेरे की,
उसकी मौजूदगी का 
आभास नहीं ! 

कोई तुमसे पुछे 
कोण हूँ मैं ?
तुम कह देना
कोई खास नही ...

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